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🕉️ 57+ शक्तिशाली मंत्र — अर्थ व जप विधि सहित
नवग्रह बीज व वैदिक मंत्र, गणेश, शिव, विष्णु, लक्ष्मी, दुर्गा, हनुमान, सरस्वती के मंत्र तथा विवाह, संतान, धन, स्वास्थ्य व शिक्षा हेतु विशेष सिद्धि मंत्र — शुद्ध संस्कृत पाठ, लाभ व जप-संख्या के साथ।
अनुक्रम: नवग्रह बीज मंत्र · नवग्रह वैदिक मंत्र · गणेश मंत्र · शिव मंत्र · विष्णु व कृष्ण मंत्र · लक्ष्मी व धन मंत्र · दुर्गा व देवी मंत्र · हनुमान मंत्र · सरस्वती व विद्या मंत्र · गायत्री व शांति मंत्र · विशेष कार्य सिद्धि मंत्र · कुल 57 मंत्र
नवग्रह बीज मंत्र (9)
सूर्य बीज मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
🪔 आत्मविश्वास, मान-सम्मान व नेत्र-स्वास्थ्य — रविवार, 7000 जप
चंद्र बीज मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
🪔 मानसिक शांति व माता सुख — सोमवार, 11000 जप
मंगल बीज मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
🪔 साहस, भूमि-लाभ, मंगल दोष शांति — मंगलवार, 10000 जप
बुध बीज मंत्र
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
🪔 बुद्धि, व्यापार व वाणी — बुधवार, 9000 जप
गुरु बीज मंत्र
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
🪔 विवाह, संतान, धन व ज्ञान — गुरुवार, 19000 जप
शुक्र बीज मंत्र
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
🪔 प्रेम, वैवाहिक सुख व वैभव — शुक्रवार, 16000 जप
शनि बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
🪔 साढ़े साती व ढैय्या की शांति — शनिवार, 23000 जप
राहु बीज मंत्र
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
🪔 भ्रम, व्यसन व अचानक बाधा से रक्षा — शनिवार, 18000 जप
केतु बीज मंत्र
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
🪔 आध्यात्मिक उन्नति व गुप्त शत्रु शांति — 17000 जप
नवग्रह वैदिक मंत्र (9)
सूर्य वैदिक मंत्र
जपाकुसुमसंकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम्।
तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम्॥
🪔 सूर्य ग्रह की प्रसन्नता हेतु
चंद्र वैदिक मंत्र
दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम्।
नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्॥
🪔 मन की स्थिरता हेतु
मंगल वैदिक मंत्र
धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।
कुमारं शक्तिहस्तं तं मङ्गलं प्रणमाम्यहम्॥
🪔 भौम दोष शांति हेतु
बुध वैदिक मंत्र
प्रियङ्गुकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम्।
सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम्॥
🪔 विद्या-बुद्धि हेतु
गुरु वैदिक मंत्र
देवानां च ऋषीणां च गुरुं काञ्चनसन्निभम्।
बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्॥
🪔 गुरु बल हेतु
शुक्र वैदिक मंत्र
हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम्।
सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम्॥
🪔 सुख-वैभव हेतु
शनि वैदिक मंत्र
नीलाञ्जनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥
🪔 शनि कृपा हेतु
राहु वैदिक मंत्र
अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्यविमर्दनम्।
सिंहिकागर्भसम्भूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्॥
🪔 राहु शांति हेतु
केतु वैदिक मंत्र
पलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रहमस्तकम्।
रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम्॥
🪔 केतु शांति हेतु
गणेश मंत्र (4)
विघ्नहर्ता मंत्र
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
🪔 हर शुभ कार्य के आरंभ में
गणपति मूल मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
🪔 विघ्न-नाश — नित्य 108 जप
गणेश ध्यान मंत्र
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्।
उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥
🪔 बुधवार को विशेष फलदायी
गणेश गायत्री
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि।
तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥
🪔 बुद्धि व सिद्धि हेतु
शिव मंत्र (5)
पंचाक्षरी मंत्र
ॐ नमः शिवाय
🪔 सर्व कल्याण — सर्वश्रेष्ठ नित्य जप
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
🪔 रोग, भय व अकाल मृत्यु से रक्षा — सवा लाख जप
रुद्र गायत्री
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
🪔 शिव कृपा हेतु
शिव ध्यान मंत्र
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
🪔 आरती के बाद पाठ करें
शिव प्रार्थना
करचरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम्।
विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो॥
🪔 क्षमा प्रार्थना हेतु
विष्णु व कृष्ण मंत्र (5)
द्वादशाक्षर मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
🪔 मोक्ष व सर्व मंगल
अष्टाक्षर मंत्र
ॐ नमो नारायणाय
🪔 विष्णु कृपा — एकादशी को विशेष
विष्णु ध्यान
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
🪔 भय-नाश हेतु
हरे कृष्ण महामंत्र
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
🪔 कलियुग का महामंत्र
कृष्ण मंत्र
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतक्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥
🪔 क्लेश-नाश हेतु
लक्ष्मी व धन मंत्र (5)
महालक्ष्मी मूल मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
🪔 धन-वृद्धि — शुक्रवार 108 जप
लक्ष्मी बीज साधना
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद।
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
🪔 दीपावली पर विशेष सिद्धिदायक
लक्ष्मी गायत्री
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि।
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
🪔 स्थिर लक्ष्मी हेतु
कुबेर मंत्र
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये।
धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
🪔 धन-भंडार वृद्धि हेतु
श्री सूक्त बीज
ॐ श्रीं श्रियै नमः
🪔 व्यापार स्थल पर नित्य जप
दुर्गा व देवी मंत्र (5)
सर्वमंगल मंत्र
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
🪔 सर्व मंगल कामना हेतु
देवी स्तुति
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
🪔 शक्ति-आराधना हेतु
दुर्गा मूल मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः
🪔 रक्षा व संकट-नाश
नवार्ण मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
🪔 नवरात्रि का सर्वोच्च मंत्र
दुर्गा गायत्री
ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्याकुमारि धीमहि।
तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥
🪔 देवी कृपा हेतु
हनुमान मंत्र (3)
हनुमान मूल मंत्र
ॐ हं हनुमते नमः
🪔 भय-नाश व बल — मंगलवार/शनिवार
हनुमान ध्यान
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
🪔 साढ़े साती में विशेष लाभ
हनुमान गायत्री
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
🪔 संकट-मोचन हेतु
सरस्वती व विद्या मंत्र (3)
सरस्वती मूल मंत्र
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
🪔 विद्यार्थियों हेतु — परीक्षा पूर्व 108 जप
सरस्वती वंदना
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
🪔 बुद्धि-जड़ता नाश हेतु
विद्या मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः
🪔 वाणी-सिद्धि हेतु
गायत्री व शांति मंत्र (3)
गायत्री महामंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
🪔 सर्वश्रेष्ठ वैदिक मंत्र — त्रिकाल संध्या में जप
शांति मंत्र
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
🪔 विश्व-कल्याण प्रार्थना
असतो मा
असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय।
मृत्योर्मा अमृतं गमय॥
🪔 सत्य व प्रकाश की ओर प्रार्थना
विशेष कार्य सिद्धि मंत्र (6)
शीघ्र विवाह मंत्र (कात्यायनी)
ॐ कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।
नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥
🪔 विवाह में विलंब हो तो कन्याएँ नित्य जप करें; वर हेतु 'पत्नीं' पढ़ें
संतान गोपाल मंत्र
ॐ देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥
🪔 संतान प्राप्ति हेतु — गुरुवार से आरंभ करें
धन्वंतरि स्वास्थ्य मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वन्तरये
अमृतकलशहस्ताय सर्वामयविनाशाय त्रैलोक्यनाथाय श्रीमहाविष्णवे नमः॥
🪔 रोग-मुक्ति हेतु
कार्य सिद्धि (राम) मंत्र
श्री राम जय राम जय जय राम
🪔 सरलतम व अत्यंत प्रभावी — किसी भी समय
भय व वाहन रक्षा मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय + हनुमान चालीसा की एक चौपाई
🪔 यात्रा आरंभ से पूर्व
नज़र व नकारात्मकता से रक्षा
ॐ ह्रीं बगलामुखी देव्यै नमः
🪔 शत्रु-बाधा व नज़र दोष शांति
मंत्र जप के नियम
1. स्नान कर स्वच्छ आसन पर पूर्व या उत्तर मुख बैठें। 2. रुद्राक्ष या तुलसी माला से 108 की संख्या में जप करें। 3. उच्चारण शुद्ध व मन एकाग्र रखें। 4. जप-संख्या का संकल्प लेकर ही आरंभ करें। 5. ग्रह मंत्रों का जप उस ग्रह के वार से आरंभ करना श्रेष्ठ है — अपनी कुंडली से जानें कौन-सा ग्रह कमज़ोर है।
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